यमकेश्वर में श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए CM पुष्कर सिंह धामी
बोले- भागवत भगवान श्रीकृष्ण का सजीव स्वरूप है, जीवन को सकारात्मक दिशा देती है
यमकेश्वर (पौड़ी गढ़वाल),
यमकेश्वर स्थित वानप्रस्थ आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंचे। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत भगवान श्रीकृष्ण का सजीव स्वरूप है, जो मानव को धर्म, ज्ञान और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करते हुए जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे विभिन्न महत्वपूर्ण कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चारधाम यात्रा मार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण से यात्रा अब अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक हो गई है।
उन्होंने आगे बताया कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें कालसी-हरीपुर क्षेत्र में यमुना नदी के तट पर घाटों का निर्माण, शारदा कॉरिडोर, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर तथा दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना शामिल हैं। इन कार्यों से प्रदेश की आर्थिक स्थिति के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत हो रही है।
स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से यमकेश्वर क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिली है, जिसका क्षेत्रवासियों को सीधा लाभ मिल रहा है।
व्यास पीठ से भागवत कथा का वाचन कर रहे पूज्य गोविंद देव गिरी जी महाराज ने श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्म, आस्था और सत्कर्म के मार्ग पर चलने का प्रेरणादायी संदेश दिया।
परमार्थ आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज को नैतिक मूल्यों, सेवा भाव और मानवता के उच्च आदर्शों की ओर प्रेरित करने का सशक्त माध्यम है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और कथा का लाभ उठाया।