देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत अब तक का सबसे बड़ा हेल्थ मास्टर प्लान तैयार किया है। सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए 1075.39 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।
इस हेल्थ प्लान में जिला अस्पतालों के उन्नयन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, डिजिटल हेल्थ नेटवर्क तैयार करने, कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों की जांच बढ़ाने और पर्वतीय इलाकों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर सबसे ज्यादा खर्च
सरकार के इस मास्टर प्लान में सबसे बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर खर्च किया जाएगा। इसके तहत करीब 817.99 करोड़ रुपये स्टेट हेल्थ एसेट, मेडिकल उपकरणों की खरीद, डायग्नोस्टिक सुविधाओं के विस्तार, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता तथा डिजिटल हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम पर खर्च किए जाएंगे।
सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में भी लोगों को बेहतर और समय पर इलाज उपलब्ध हो सके।
पर्वतीय जिलों को मिलेगी विशेष प्राथमिकता
NHM हेल्थ प्लान में पर्वतीय जिलों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी जैसे जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर फोकस रहेगा।
* पिथौरागढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाएगा
* चमोली में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा
* उत्तरकाशी में आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और रेफरल नेटवर्क विकसित किया जाएगा
इसके अलावा सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल हेल्थ यूनिट्स की संख्या बढ़ाने और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती पर भी जोर रहेगा।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर सरकार का बड़ा फोकस
राज्य सरकार ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए 141.50 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। योजना के तहत राज्यभर में 86,100 ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस सत्र आयोजित किए जाएंगे।
सरकार का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, नवजात बच्चों और ग्रामीण परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना है।
कैंसर, डायबिटीज और हाई BP जांच का दायरा बढ़ेगा
उत्तराखंड सरकार गैर संचारी रोगों (Non-Communicable Diseases) की रोकथाम पर भी तेजी से काम करेगी। इसके लिए 38.58 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
इस योजना के तहत:
* कैंसर स्क्रीनिंग अभियान चलाए जाएंगे
* डायबिटीज जांच को जिला स्तर तक बढ़ाया जाएगा
* हाई ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग मजबूत होगी
* मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाएगा
* बुजुर्ग स्वास्थ्य कार्यक्रमों को मजबूत किया जाएगा
प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं के लिए बजट
स्वास्थ्य कार्यक्रम बजट (करोड़ रुपये)
डेंगू, टीबी और मलेरिया नियंत्रण 46.76
राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन 30.54
जननी सुरक्षा योजना 17.60
ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियां 14.91
डोली-पालकी मॉडल रहेगा सक्रिय
सरकार ने साफ किया है कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए डोली-पालकी मॉडल को भी सक्रिय रखा जाएगा। इसका उद्देश्य दुर्गम गांवों तक मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि 1075 करोड़ रुपये का यह हेल्थ मास्टर प्लान उत्तराखंड के स्वास्थ्य सिस्टम को नई दिशा देगा। इससे ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में इलाज की सुविधाएं बेहतर होंगी, रेफरल का दबाव कम होगा और राज्य की हेल्थ रैंकिंग में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
“राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़े सुधार करने जा रही है। एनएचएम के मास्टर प्लान में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, रोग नियंत्रण, डिजिटल हेल्थ और ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती पर विशेष फोकस किया गया है। इससे राज्य स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।”
— विजय शंकर पांडेय, सचिव स्वास्थ्य
