देहरादून । उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूसरे कार्यकाल के दौरान ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने के लिए पंचायत भवनों के निर्माण और पुनर्निर्माण का काम तेजी से किया गया है। बीते चार वर्षों में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण पूरा किया गया है।
प्रदेश में कुल 5867 पंचायत भवन हैं, जिनमें से 1134 भवन लंबे समय से जर्जर हालत में थे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पंचायतीराज विभाग ने अभियान चलाकर इन भवनों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की। इसी क्रम में चार वर्षों के भीतर 819 भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण पूरा किया जा चुका है, जबकि बाकी भवनों पर भी कार्य जारी है।
मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विभागीय मंत्री सतपाल महाराज ने यह जानकारी सदन को दी।
7 हजार किमी से अधिक सड़कें गड्ढा मुक्त
प्रदेश में सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए लोक निर्माण विभाग ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, नवंबर के पहले सप्ताह तक 7,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जा चुका है।
वर्ष 2025-26 में मानसून से पहले 3134 किमी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया गया। वहीं मानसून के बाद 10 नवंबर 2025 तक 4149.17 किमी सड़कों की मरम्मत कर उन्हें गड्ढा मुक्त बनाया गया।
इस अभियान के दौरान हरिद्वार जिले में ही 313 किमी से अधिक सड़कों को गड्ढा मुक्त किया गया।
तीर्थ स्थलों के लिए रोपवे परियोजनाओं पर काम तेज
उत्तराखंड में प्रमुख तीर्थ स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए रोपवे परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
पर्यटन मंत्री ने विधानसभा में बताया कि कद्दूखाल से सुरकंडा देवी मंदिर तक रोपवे का संचालन पीपीपी मॉडल पर शुरू किया जा चुका है।
इसके अलावा
- चम्पावत जिले में ठुलीगाड़ से पूर्णागिरी रोपवे निर्माणाधीन है।
- उत्तरकाशी में जानकी चट्टी से यमुनोत्री मंदिर तक रोपवे परियोजना विकसित की जा रही है।
- गौरीकुंड से केदारनाथ धाम और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब के लिए भी रोपवे निर्माण की प्रक्रिया जारी है।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।