मनरेगा की आत्मा को खत्म करना चाहती है मोदी सरकार: कुमारी सैलजा – Satya Voice

मनरेगा की आत्मा को खत्म करना चाहती है मोदी सरकार: कुमारी सैलजा

देहरादून, 08 जनवरी 2026: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार मनरेगा की आत्मा को खत्म करना चाहती है। यह सिर्फ नाम बदलने का मुद्दा नहीं, बल्कि ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों को छीनने की साजिश है।

 

उत्तराखंड दौरे पर आज यहां प्रेस को संबोधित करते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में मनरेगा और अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा एक मांग-आधारित कानूनी अधिकार था, जिसमें सरकार काम देने के लिए बाध्य थी, लेकिन नया कानून इसे आपूर्ति-आधारित योजना बना रहा है। अब काम की उपलब्धता केंद्र सरकार के बजट और मापदंडों पर निर्भर करेगी, जिससे पंचायतों के अधिकार और विकेंद्रीकरण का स्वरूप खत्म हो जाएगा।

 

सैलजा ने बताया कि मूल योजना में श्रम लागत का लगभग 90 प्रतिशत केंद्र वहन करता था, लेकिन नए कानून में अधिकांश राज्यों के लिए यह अनुपात 60:40 कर दिया गया है (पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10)। इससे राज्यों पर भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा और वे काम देने से हिचकिचाएंगे। साथ ही, नए कानून में चरम कृषि मौसम के दौरान 60 दिनों तक काम रोकने की अनुमति है, जिससे मजदूरों की सौदेबाजी की शक्ति कम होगी और वे जमींदारों पर निर्भर हो जाएंगे। उन्होंने कहा, “पहले यह रोजगार गारंटी योजना थी, अब यह रोजगार न मिलने की गारंटी है।”

 

कांग्रेस नेता ने घोषणा की कि पूरे देश में इन बदलावों के खिलाफ योजना बद्ध विरोध किया जाएगा। इसके लिए कमियां उजागर करने वाला पंपलेट तैयार होगा, जो स्थानीय भाषाओं में अनुवादित कर लोगों तक पहुंचाया जाएगा। 10 जनवरी को जिलेवार प्रेस वार्ताएं, 11 जनवरी को गांधी जी या बाबा साहेब की प्रतिमा के सामने धरना और 12 जनवरी से 29 फरवरी तक पंचायत स्तर पर चरणबद्ध चौपालों का आयोजन होगा।

 

अंकिता भंडारी हत्याकांड पर बोलते हुए सैलजा ने कहा कि नए खुलासों से पूरा देश स्तब्ध और आक्रोशित है। जब तक पूरे प्रकरण की जांच उच्चतम न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से नहीं कराई जाती, कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा, “यहां एक अंकिता नहीं, कई अंकिताओं का सवाल है। न्याय की लड़ाई लड़ना राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है और हम यह लड़ाई लड़ेंगे।”

 

पत्रकार वार्ता का संचालन पूर्व मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि ने किया। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष प्रीतम सिंह, सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सप्पल एवं करन माहरा, सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा एवं मनोज यादव, विधायक एवं राष्ट्रीय सचिव काजी निजामुद्दीन, चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत, विधायक ममता राकेश, मनोज तिवारी, विक्रम सिंह नेगी, पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी, पूर्व मंत्री नवप्रभात, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, महेंद्र सिंह पाल, पूर्व मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, महामंत्री राजेंद्र भंडारी, राजेंद्र शाह, विधायक फुरकान अहमद, विरेंद्र जाटव, अनुसूचित जाति अध्यक्ष मदन लाल, महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला, एनएसयूआई अध्यक्ष विकास नेगी, सोशल मीडिया अध्यक्ष विकास नेगी, नदीम अख्तर एवं अमित मसीह सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

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