भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा समझौते व महत्त्वपूर्ण एमओयू, त्रिंकोमाली और ‘दक्षिण के कैलाश’ के विकास पर जोर – Satya Voice

भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा समझौते व महत्त्वपूर्ण एमओयू, त्रिंकोमाली और ‘दक्षिण के कैलाश’ के विकास पर जोर

नई दिल्ली/कोलंबो: भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दोनों देशों ने कई रक्षा समझौतों और महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। श्रीलंका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति अनुरा कुमारा डिसानायके की भारत यात्रा के दौरान इन समझौतों पर सहमति बनी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत और श्रीलंका की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। मैं राष्ट्रपति डिसानायके का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने भारत की सुरक्षा चिंताओं को गंभीरता से लिया। हम रक्षा सहयोग पर हुए अहम समझौतों का स्वागत करते हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी को श्रीलंका की ओर से देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘मित्र विभूषण’ प्रदान किया गया। वे इस सम्मान को पाने वाले पहले विदेशी राष्ट्राध्यक्ष बने। कोलंबो आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत श्रीलंका के विदेश मंत्री सहित छह मंत्रियों ने किया।

श्रीलंका के ऐतिहासिक इंडिपेंडेंस स्क्वायर में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया गया, जो अपने आप में पहली बार था। दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग, डिजिटल अवसंरचना, मछुआरों से जुड़े मुद्दे, कनेक्टिविटी और रेलवे परियोजनाओं पर भी गहन बातचीत हुई।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि त्रिंकोमाली को एक त्रिपक्षीय समझौते के तहत विकसित किया जाएगा, जिससे श्रीलंका की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी और निर्यात के लिए राजस्व का स्रोत भी बनेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंका में अनुराधापुर स्थित पवित्र नगरी परियोजना, “दक्षिण के कैलाश” कहे जाने वाले मंदिर और नुवरा एलिया स्थित सीता मंदिर के विकास के लिए भारत की ओर से सहायता की घोषणा की।

भारत ने श्रीलंका के पुनरुत्थान में मदद का आश्वासन देते हुए ऋण पुनर्गठन प्रक्रिया पूरी करने की जानकारी दी। साथ ही, 700 श्रीलंकाई नागरिकों के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम की घोषणा की गई है।

मछुआरों के मुद्दे पर भी दोनों नेताओं ने सकारात्मक बातचीत की। श्रीलंका ने 11 भारतीय मछुआरों को शीघ्र रिहा करने का निर्णय लिया है, जबकि भारत भी इसी प्रकार की रिहाई प्रक्रिया अपनाएगा।

राष्ट्रपति डिसानायके ने प्रधानमंत्री मोदी को आश्वस्त किया कि श्रीलंका की धरती का उपयोग भारत की सुरक्षा के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डिसानायके महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना करने और अनुराधापुर के मंदिर का दौरा करने वाले हैं। प्रधानमंत्री मोदी दो नई रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे।

यह दौरा दोनों देशों के बीच विश्वास, सहयोग और साझेदारी के नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

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