- नई भूमि नीति, निजी विश्वविद्यालय और ग्रीन हाइड्रोजन को बढ़ावा
उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य कार्यकर्ता/पर्यवेक्षक, जिन्होंने 5 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली है, को पूरे सेवाकाल में एक बार आपसी सहमति से जनपद परिवर्तन की अनुमति।
• राज्य में लघु, मध्यम व वृहद परियोजनाओं के लिए भू-स्वामियों से आपसी समझौते के आधार पर भूमि प्राप्ति की नई प्रक्रिया को मंजूरी, जिससे भूमि अधिग्रहण में समय और लागत कम होगी।
• उधमसिंहनगर स्थित प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि सिडकुल को हस्तांतरित, औद्योगिक विकास हेतु उप-पट्टा (Sub-Lease) की अनुमति पर कैबिनेट की मुहर।
• जनजाति बाहुल्य जिलों देहरादून, चमोली, ऊधमसिंहनगर व पिथौरागढ़ में 4 जिला जनजाति कल्याण अधिकारी पदों के सृजन और सेवा नियमावली संशोधन को स्वीकृति।
• राज्य में गैर-कृषि उपयोग हेतु भू-जल निकासी पर जल मूल्य/प्रभार दरें लागू, औद्योगिक, वाणिज्यिक व रेजीडेंशियल उपयोग पर नियंत्रण का निर्णय।
• उद्योगों, होटल, ग्रुप हाउसिंग, वाहन धुलाई केंद्र, स्वीमिंग पूल आदि के लिए भू-जल उपयोग पर पंजीकरण शुल्क ₹5000 निर्धारित।
• देहरादून में “जी.आर.डी. उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय” नाम से निजी विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी, राज्य को शिक्षा हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम।
• उत्तरकाशी की चिन्यालीसौड़ और चमोली की गौचर हवाई पट्टी को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हुए संयुक्त नागरिक-सैन्य संचालन हेतु रक्षा मंत्रालय को लीज पर हस्तांतरण की स्वीकृति।
• राज्य में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए “उत्तराखण्ड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026” को कैबिनेट की मंजूरी।
• हरित हाइड्रोजन नीति से स्वच्छ ऊर्जा, रोजगार सृजन, कार्बन उत्सर्जन में कमी और जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों को मजबूती मिलेगी।