देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए राज्य के सभी मंत्रियों को अलग-अलग जिलों का प्रभार सौंप दिया है। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब प्रत्येक जिले की जिम्मेदारी एक प्रभारी मंत्री के पास होगी, जिससे विकास कार्यों, योजनाओं की मॉनिटरिंग और प्रशासनिक समन्वय में तेजी आने की उम्मीद है। 🚩
राज्य सरकार का मानना है कि प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों में सरकारी योजनाओं की समीक्षा करेंगे और स्थानीय प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करेंगे।
किस मंत्री को मिला किस जिले का प्रभार?
- सतपाल महाराज को हरिद्वार जिले का प्रभारी मंत्री बनाया गया है।
- गणेश जोशी को टिहरी और रुद्रप्रयाग जिलों की जिम्मेदारी दी गई है।
- भरत चौधरी को चमोली और चंपावत का प्रभारी बनाया गया है।
- धन सिंह रावत को अल्मोड़ा जिले का प्रभार मिला है।
- सुबोध उनियाल को देहरादून जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- सौरभ बहुगुणा को उत्तरकाशी जिले का प्रभारी बनाया गया है।
- खजान दास को नैनीताल जिले की जिम्मेदारी दी गई है।
- मदन कौशिक को पौड़ी जिले का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
- रेखा आर्य को पिथौरागढ़ जिले का प्रभार सौंपा गया है।
- प्रदीप बत्रा को उधम सिंह नगर जिले की जिम्मेदारी दी गई है।
- राम सिंह केड़ा को बागेश्वर जिले का प्रभारी बनाया गया है। 📌
प्रशासनिक व्यवस्था को कैसे मिलेगा फायदा?
सरकार के इस फैसले के बाद जिलों में विकास योजनाओं की निगरानी तेज होगी। प्रभारी मंत्री समय-समय पर अपने जिलों का दौरा करेंगे, अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और लंबित परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इससे स्थानीय समस्याओं के समाधान में भी तेजी आने की संभावना है। ⚡
विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी विकास योजनाओं, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में यह फैसला अहम भूमिका निभा सकता है।
क्यों अहम है यह फैसला?
- जिलों में सरकार और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय
- विकास योजनाओं की निगरानी में तेजी
- जनता की शिकायतों का जल्द समाधान
- प्रत्येक जिले के लिए जवाबदेही तय
- सरकारी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा 📈