उत्तराखण्ड में रोपवे परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से शासकीय आवास पर आयोजित बैठक में अधिकारियों को पर्वतमाला परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित 50 रोपवे परियोजनाओं से संबंधित लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त परियोजनाओं में हो रही देरी के कारणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नई समयसीमा निर्धारित कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर सोनप्रयाग-केदारनाथ, टनकपुर-पूर्णागिरि, काठगोदाम-नैनीताल, गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब, कनकचौरी-कार्तिक स्वामी, देहरादून-मसूरी एवं जानकीचट्टी सहित प्रमुख रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी भी प्राप्त की गई।
बैठक में हरिद्वार-ऋषिकेश क्षेत्र की प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं, उत्तराखण्ड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड की कार्यप्रगति तथा भविष्य की परियोजनाओं की ग्राउंडिंग को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निर्देश दिए गए कि प्रत्येक रोपवे परियोजना के साथ पर्याप्त पार्किंग सुविधा को समेकित योजना का हिस्सा बनाया जाए। साथ ही निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए लाइसेंसिंग एवं अनुमोदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
PPP मॉडल के माध्यम से अधिक से अधिक रोपवे परियोजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए निवेशकों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने और ठोस कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए गए। सरकार का उद्देश्य रोपवे कनेक्टिविटी को मजबूत कर पर्यटन, तीर्थाटन और स्थानीय विकास को नई गति प्रदान करना है।