कोरोना अपडेट : नैनीताल हाईकोर्ट में 15 अप्रैल से केवल अति आवश्यक मामलों की होगी सुनवाई

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कोरोना अपडेट : नैनीताल हाईकोर्ट में 15 अप्रैल से केवल अति आवश्यक मामलों की होगी सुनवाई

कोरोना वायरस संक्रमण के लगातार बढते खतरे को देखते हुए नैनीताल स्थित उत्तराखंड हाईकोर्ट में 15 अप्रैल से केवल बेहद जरूरी मामलों की ही सुनवाई होगी. इसके लिए अधिवक्ताओं को ई-मेल से आवेदन करना होगा जिसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत विचार के बाद कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के जरिये जानकारी दी जाएगी. शनिवार को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल हीरा सिंह बोनाल की ओर से हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के दिशा निर्देशों के क्रम में जारी अधिसूचना में बताया गया कि हाईकोर्ट में अति आवश्यक मामलों के अलावा अन्य मामलों पर फिलहाल विचार नहीं किया जाएगा. दिशा-निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि इस दौरान किसी भी मामले में अधिवक्तागण न्यायालय के किसी भी अधिकारी, कर्मचारी से व्यक्तिगत संपर्क नहीं करेंगे और ना ही किसी अनुभाग में जाएंगे.
निर्देश में कहा गया है कि मामलों पर सुनवाई के संबंध में विचार, अवकाश वाले दिनों की भांति सुनवाई के लिए स्थापित मानदंडों के आधार पर ही किया जाएगा. संबंधित अधिवक्ता को सूचित किया जाएगा कि वह पीडीएफ में दस्तावेजों के साथ याचिका को ई-मेल से भेजें. इसके अलावा अदालत में वीडियो के माध्यम से सुनवाई के लिए नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया जाएगा.

देहरादून पुलिस के जवान अब दिन में केवल पांच घंटे ड्यूटी करेंगे, रात की शिफ्ट का बढ़ेगा समय

कोरोना वायरस के खिलाफ चल रहे देशव्यापी मिशन में अहम भूमिका निभा रहे देहरादून पुलिस के जवानों को अब दिन के वक्त पांच घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं करनी पड़ेगी. पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अरुण मोहन जोशी ने पुलिस कर्मियों को बढ़ती गर्मी और धूप से बचाने के लिए यह बड़ी रियायत देने का फैसला लिया है. इस फैसले के मुताबिक अगले एक-दो दिन के भीतर नई व्यवस्था अमल में लाई जाएगी, जिसके तहत तीन के बजाय चार शिफ्टों में ड्यूटी लगाई जाएगी. डीआईजी अरुण मोहन जोशी का कहना है कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पुलिस अब तीन के बजाए चार शिफ्ट में ड्यूटी करेगी. दिन की पिकेट ड्यूटी आठ के बजाए पांच घंटे की होगी तथा रात की ड्यूटी के समय में इजाफा किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों की सुरक्षा भी प्राथमिकता है. देशव्यापी लॉकडाउन के बाद से पुलिसकर्मी लगातार जनता की सुरक्षा और मदद के लिए सड़कों पर हैं. इस दौरान संक्रमण के खतरे को देखते हुए वो अपने परिवार से भी दूरी बनाए हुए हैं.