भट्ट की जगह ‘भगत’ को सौंपी जा सकती है कमान

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भट्ट की जगह ‘भगत’ को सौंपी जा सकती है कमान

देहरादून।।  उत्तराखंड बीजेपी का वो नया प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा जो पार्टी को 2022 में दोबारा सत्ता में वापसी करा कर लाए। इसको लेकर लगातार सस्पेंस बना हुआ था। लेकिन 16 जनवरी को पार्टी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जायेगा। जिसकी घोषणा करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल 15 जनवरी को चुनाव की अधिसूचना जारी करने के किए देहरादून आ रहे  हैं। लेकिन नया प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा? किसको पार्टी की ज़िम्मेदारी मिलेगी? इसको लेकर लगातार यही चर्चा आम थी कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट को दोबारा ज़िम्मेदारी दे सकती है। लेकिन चुनाव को लेकर बीजेपी के द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट ने इस चर्चा पर विराम लगा दिया हैं।

भट्ट ने प्रेस नोट में कहा है कि मैं अपने सांसद के कार्य से संतुष्ट हूँ और अपने संसदीय क्षेत्र में कार्य करना चाहता हूँ और नए अध्यक्ष को पूरा सहयोग करूंगा। जिसके बाद ये स्पष्ट हो चुका है की अजय भट्ट ने अपने आप को अध्यक्ष की रेस से बाहर कर दिया है। लेकिन भट्ट यदि नहीं अध्यक्ष बनेंगे तो फिर वो कौन होगा जो पार्टी को दोबारा सत्ता में वापसी कराए। ऐसे में सूत्रों की माने तो प्रदेश अध्यक्ष में सबसे बड़ी राय किसी की है तो वो ख़ुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की है। क्योंकि संगठन को उनके द्वारा किए गए कार्यों को ही जनता के बीच ले जाना है। इसलिए सूत्रों की मानें तो उसमें सबसे पहला नाम कालाढूंगी से वरिष्ठ विधायक बंशीधर भगत का। जो कुमाऊं का ब्राह्मण चेहरा होने के साथ हीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के क़रीबी है। जिसका उदाहरण सीएम द्वारा हाल ही में सीएए के पक्ष में कालाढूगी में गयी रैली है। वही भगत पर आलाकमान को विश्वाश नहीं होता है तो फिर खटीमा से युवा विधायक पुष्कर धामी अध्यक्ष की दौड़ में शामिल है। जो पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कौश्यारी खेमे से आते हैं और कुमाऊँ के ठाकुर चेहरा हैं। साथ ही मुख्यमंत्री भी कौश्यारी खेमे के माने जाते है। धामी को यदि अध्यक्ष बनाया जाता है तो फिर इसका साफ संकेत है बीजेपी आलाकमान प्रदेश में दोबारा सत्ता में वापसी के लिए कुछ बड़े क़दम उठाने के मूड में हैं।