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जून में होंगी उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाएं

उत्तराखंड में बोर्ड परीक्षाओं (Board Exams) को लेकर डेट फाइनल हो गई है. अब राज्य में 15 जून के बाद ही बोर्ड परीक्षाएं होंगी. शिक्षा सचिव ने 15 जून तक स्कूलों से क्‍वारंटाइन सेंटर (Quarantine Centre) शिफ्ट करने के निर्देश मंगलवार को जारी कर दिए हैं. साथ ही स्कूलों में सेनेटाइजेशन करवा कर साफ सफाई के भी निर्देश दे दिये गए हैं.

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कही थी ये बात
इसे पहले शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं को 15 जून से पहले कराने के निर्देश दे दिये थे. साथ ही मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू करने के लिए भी कहा था. शिक्षा निदेशालय में अधिकारियों के साथ बैठक में मंत्री ने विभागीय लंबित कार्यों की समीक्षा की गई थी. उन्होंने कहा था कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के आखिरी तीन दिन की परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ी थी.

अब चूंकि हालात कुछ सामान्य होने की ओर बढ़ रहे हैं, इसलिए छूटी परीक्षाएं पूरी करा ली जाएं. उत्तराखंड बोर्ड के 13 पेपर बचे हुए हैं. इसलिए मंत्री ने कहा था कि छात्रों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय देते हुए 15 जून से पहले परीक्षाएं कराने का कार्यक्रम तैयार कर लिया जाए. शिक्षा मंत्री ने बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन को भी जल्द शुरू करने को कहा था. सचिव को फोन पर निर्देश देते हुए पांडे ने कहा कि सभी डीएम से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर इसकी रणनीति तैयार कर ली जाए. इस बैठक में डीजी आलोक कुमार पांडे भी शामिल थे.

उत्तराखंड बोर्ड के शेष परीक्षाएं 15 से 20 जून के बीच हो सकती है। इस बीच एक जून से परीक्षा मूल्यांकन कार्य भी शुरू किए जाने की तैयारी है। बोर्ड जुलाई मध्य तक रिजल्ट जारी करने की तैयारी कर रहा है।

शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने मंगलवार को बोर्ड परीक्षा तैयारी को लेकर सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस की। उन्होंने बताया कि विभाग 15 जून से 20 जून के बीच परीक्षा की तैयारी कर रहा है।

क्यूंकि जून अंत तक पहाड़ में बारिश शुरू हो जाती है, ऐसे में बोर्ड परीक्षा कराने में दिक्कत हो सकती है। परीक्षा के लिए तीन दिन चाहिए, एक दिन की दो पालियों में अलग अलग कक्षाओं की परीक्षा हो सकती हैं। परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था बनाने में सभी जिलाधिकारियों को सहयोग देना होगा।

उन्होंने कहा कि विभाग एक जून से मूल्यांकन शुरू करने की तैयारी कर रहा है।उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि मूल्यांकन केंद्र वाले इंटर कॉलेजों को क्वारंटाइन सेंटर बनाने के बजाय प्राइमरी और जूनियर स्कूल के भवनों को इसकाम के लिए इस्तेमाल किया जाए। इस बीच ग्रीष्मावकाश को देखते हुए, कोरोना ड्यूटी निभा रहे शिक्षकों के लिए विभाग अलग से आवश्यक सेवा संबंधित आदेश निकालने की तैयारी कर रहा है।

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