7 दिसंबर को आईएमए की पासिंग आउट परेड में देश को मिलेंगे 58 जवान

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7 दिसंबर को आईएमए की पासिंग आउट परेड में देश को मिलेंगे 58 जवान

देवभूमि को वीरों और पराक्रमियों की जन्मभूमि कहा जाता है। भारत मां की सेवा में हमेशा देवभूमि के पूत आगे रहे हैं। आइएमए में आयोजित एसीसी की ग्रेजुएशन सेरेमनी में भी इस समृद्ध सैन्य विरासत की झलक साफ दिखी। काशीपुर निवासी धीरज गुणवंत ने एसीसी ग्रेजुएशन में छह में से तीन पदक अपने नाम किए हैं। उन्हें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ गोल्ड मेडल के साथ विज्ञान व सर्विस सब्जेक्ट में कमांडेंट सिल्वर मेडल भी मिला।

आपको बता दें कि धीरज अपने परिवार के पहले शख्स हैं जो सेना में अफसर बनने जा रहे हैं।  फौज में जाने की ललक जन्म से थी। 2010 में वे बतौर एयरमैन एयरफोर्स में भर्ती हो गए। लेकिन, लगन और कड़े परिश्रम के बूते आज वह अपनी मंजिल के करीब हैं। अगले साल वह आइएमए से अंतिम पग भर सैन्य अफसर बन जाएंगे। उनके पिता देवेंद्र गुणवंत काशीपुर में ही जनरल स्टोर चलाते हैं। धीरज की प्रारंभिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय ताड़ीखेत अल्मोड़ा से हुई है।

सात दिसंबर को आईएमए की पासिंग आउट परेड होने वाली है। इनदिनों इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। आपको बता दें कि इस बार आइएमए से पासआउट होने वाला हर 12वां अधिकारी उत्तराखंड से है। आपको ये भी बताते चलें कि सैन्य अफसर बनने की तरफ कदम बढ़ाने वाले 58 युवाओं में पांच कैडेट उत्तराखंड से हैं।