दिल्ली । आम आदमी Party के राज्यसभा सांसद Raghav Chadha ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर एक ऐसा पोस्ट साझा किया, जिसने पार्टी के भीतर चल रही कथित खींचतान को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है। पोस्ट में राघव चड्ढा अमेरिकी लेखक Robert Greene की किताब The 48 Laws of Power पढ़ते नजर आ रहे हैं।
राघव चड्ढा ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, “इस हफ्ते किसी ने मुझे एक किताब गिफ्ट की। कितनी अजीब बात है कि समय का तालमेल कैसे बैठता है।” इसके बाद उन्होंने किताब के पहले अध्याय “Never Outshine the Master” का जिक्र किया।
इस अध्याय का मतलब है कि अपने गुरु या वरिष्ठ से आगे निकलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। किताब में कहा गया है कि अपने से ऊंचे पद पर बैठे लोगों को हमेशा खुद से अधिक सक्षम और प्रभावशाली महसूस कराना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति अपनी प्रतिभा या लोकप्रियता का जरूरत से ज्यादा प्रदर्शन करता है, तो इससे वरिष्ठों में असुरक्षा और भय पैदा हो सकता है।
राघव चड्ढा की इस पोस्ट को सीधे तौर पर Aam Aadmi Party की लीडरशिप और खासकर पार्टी संयोजक Arvind Kejriwal के साथ उनके रिश्तों से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह पोस्ट कहीं न कहीं पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी की ओर इशारा कर सकती है।
दरअसल, बीते गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उप-नेता पद से हटा दिया था। उनकी जगह सांसद Ashok Mittal को नया उप-नेता नियुक्त किया गया। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर यह भी अनुरोध किया था कि राघव चड्ढा को पार्टी के हिस्से के समय में सदन में बोलने का मौका न दिया जाए।
पार्टी के कुछ नेताओं का आरोप है कि राघव चड्ढा हाल के महीनों में पार्टी लाइन से अलग चल रहे थे और उन्होंने भाजपा के खिलाफ खुलकर बयान नहीं दिए। खासतौर पर दिल्ली शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के दौरान उनकी चुप्पी को लेकर सवाल उठाए गए।
AAP नेता Saurabh Bharadwaj ने भी आरोप लगाया था कि राघव चड्ढा ने सोशल Media से भाजपा और Narendra Modi के खिलाफ अपने पुराने पोस्ट हटा दिए हैं। हालांकि राघव चड्ढा ने अब तक पार्टी से किसी अनबन या नाराजगी की बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं की है।
फिलहाल, उनके इस इंस्टाग्राम पोस्ट के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या “Never Outshine the Master” केवल एक किताब का जिक्र था, या फिर इसके जरिए राघव चड्ढा ने पार्टी नेतृत्व को कोई राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।