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प्रधानमंत्री बोले, कोरोना से लड़ाई में देश की सामर्थ्य दिखी, बड़े पैमाने पर हेल्थ सुविधाएं हुई विकसित

देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एम्स ऋषिकेश में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि कोरोना काल के चलते देश ने दुनियां को अपनी सामर्थ्य दिखा दी है। उन्होंने बताया कि इस दौरान देश में बड़े पैमाने पर हेल्थ सुविधाएं विकसित हुई। इसके अलावा कहा कि मुझे इस बात पर प्रसन्नता है कि जिस धरती से योग और आयुर्वेद जैसी जीवनदायिनी शक्तियों को बल मिला, उसी धरती से आज आक्सीजन के प्लांट समर्पित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना से लड़ाई में इतने कम समय में भारत ने जो सुविधाएं तैयार की हैं, वे हमारे देश के सामर्थ्य को दिखाता है। पहले सिर्फ 1 टेस्टिंग लैब थी, अब करीब 3 हजार टेस्टिंग लैबों का नेटवर्क है। मास्क और किट्स के आयातक से निर्यातक बनने का सफर किया। देश के दूर दराज वाले इलाकों में भी वेंटिलेटर्स की सुविधाएं बढ़ी हैं। मेक इन इण्डिया में कोराना वैक्सीन का तेजी से और बड़ी मात्रा में निर्माण किया गया। दुनिया का सबसे बड़ा और तेज टीकाकरण अभियान भारत में चल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने जो कर दिखाया वह हमारी संकल्पशक्ति, हमारे सेवाभाव, हमारी एकजुटता का प्रतीक है। भारत ने मेडिकल आक्सीजन के उत्पादन में 10 गुना से अधिक वृद्धि की है। -युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार के प्रभावी मैनेजमेंट से उत्तराखण्ड में तेजी से टीकाकरण अभियान प्रधानमंत्री ने कहा कि ये हर भारतवासी के लिए गर्व की बात है कि कोरोना वैक्सीन की 93 करोड़ डोज लगाई जा चुकी है। बहुत जल्द 100 करोड़ के आंकड़े को पार कर जाएंगे। भारत ने कोविड वैक्सीन प्लेटफार्म का निर्माण करके पूरी दुनिया को राह दिखाई है, कि इतने बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन कैसे किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा और ऊर्जावान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में बहुत तेजी से कोविड टीकाकरण हो रहा है। राज्य सरकार के प्रभावी मैनेजमेंट से उत्तराखंड बहुत जल्द 100 प्रतिशत पहली डोज पूरी करने वाला है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने कहा कि आज सरकार इस बात का इंतजार नहीं करती कि नागरिक उसके पास अपनी समस्याएं लेकर आएंगे तब कोई कदम उठाएंगे। सरकारी माइंडसेट और सिस्टम से इस भ्रांति को बाहर निकाल रहे हैं। अब सरकार नागरिक के पास जाती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 6.7 साल पहले तक सिर्फ कुछ राज्यों में ही एम्स की सुविधा थीए आज हर राज्य तक एम्स पहुंचाने के लिए काम हो रहा है। 6 एम्स से आगे बढ़कर 22 एम्स का सशक्त नेटवर्क बनाने की तरफ हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सरकार का ये भी लक्ष्य है कि देश के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कालेज जरूर हो।

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