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उत्तराखंड

उत्तराखंड में यात्रा पर पूरी तरह से प्रतिबंध।

वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस पूरे दुनिया में कहर बरपा रहा है। भारत में अब तक 195 मरीजों में कोरोना वायरस से संक्रमित है। इसी के साथ इस वायरस से अभी तक 4 लोगों की मौत भी हो चुक है। उत्तराखंड में अभी तीन लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है।

उत्तराखंड में कोरोना वायरस के दस्तक के बाद राज्य सरकार काफी गंभीर नजर आ रही है। सरकार ने उत्तराखंड में यात्रा पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए सरकार ने अहम फैसला लिया है।

उत्तराखंड में अंतर्राष्ट्रीय टूरिस्टों पर सख्ती
उत्तराखंड सरकार ने कोरोनो वायरस को फैलने से रोकने के लिए राज्य में घरेलू और विदेशी पर्यटकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। उत्तराखंड में यात्रा पर लगे प्रतिबंध के बाद स्वास्थ्य सचिव नितेश झा में सभी आधकारियों को दिशा निर्देश जारी किया है। अभी तक उत्तराखंड में कोरोना के जो मामले सामने आए हैं वे लगभग सभी पीड़ित विदेश या देश के अन्य हिस्सों से वापस आए थे। इस कारण माना जा रहा है कि बाहर से आने वाले पर्यटकों से ही राज्य में कोरोना के अधिक संक्रमण की आशंका है। इसे देखते हुए राज्य में आने वाले पर्यटकों पर रोक लगाने के लिए एयरपोर्ट, बस स्टेशन पर सूचना चस्पा करने के साथ ही टूर ऑपरेटर्स और टैक्सी संचालकों को भी सूचित किया गया है।

बता दें कि लगातार कोरोना वायरस के मामले बढ़ते जा रहे है। राज्य ने सुरक्षा की दृष्टि से राज्य में यात्रियों के आगामन पर रोक लगा दी है। साथ ही उत्तराखंड में बाहर से आने वाले पर्यटक अभी प्रवेश की अनुमति नहीं दी  जाएगी। सरकार के अगले आदेश तक उत्तराखंड में किसी भी पर्यटक को आने की अनुमति नहीं है ।

एफआरआई कैंपस लॉक डाउन

उल्लेखनीय है कि गुरुवार शाम तक उत्तराखंड में कोरोना वायरस से संक्रमित कुल तीन मरीज पाए गए हैं। ये सभी इंदिरा गांधी वन अनुसंधान अकादमी (एफआरआई),देहरादून के ट्रेनी आईएफएस अधिकारी हैं। ये पिछले महीने 10 दिन के प्रशिक्षण के लिए विदेश गए अधिकारियों के दल में शामिल थे। विदेश यात्रा के दौरान ये तीनों स्पेन में होटल के एक ही कमरे में साथ रहे थे। अकादमी में तीन ट्रेनी आईएफएस अफसरों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद सरकार के निर्देश पर एफआरआई देहरादून को बीती देर रात लॉक डाउन कर दिया गया। वहां अब किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश की इजाजत नहीं है।

कोरोना वायरस के संक्रमण को वैश्विक आपदा के रूप में देखते हुए उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग देहरादून ने एहतियाती कदम उठाए हैं। आयोग के अनु सचिव अखिलेश मिश्रा के अनुसार फिलहाल कोरोना के खतरे के मद्देनजर सिर्फ अति महत्वपूर्ण प्रकरणों में सुनवाई की जा रही है लेकिन मौजूदा स्थिति में संक्रमण की त्वरित प्रकृति के मद्देनजर निरंतर प्रभावी रोकथाम करने के लिए 23 से 31 मार्च तक आयोग में निर्धारित परिवादों की सुनवाई नहीं होगी। इन तिथियों में लगे हुए परिवादों में सुनवाई क्रमशः 24, 25, 26, 27 एवं 31अगस्त और 1 सितंबर, 2020 को की जाएगी।

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