बुधवार को भी पूरी तरह से ठप रही राज्यसभा की कार्यवाही

दरअसल कांग्रेस समेत अधिकांश विपक्षी सांसद अदानी मुद्दे की जांच के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति के गठन की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर लगातार संसद के भीतर भी विपक्ष के सांसद नारेबाजी करते आ रहे हैं। बुधवार को जैसे ही खरगे बोलने के लिए अपनी सीट पर खड़े हुए तो इस बार सत्ता पक्ष के सांसदों ने सदन में शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर राज्यसभा के सभापति को सदन की कार्रवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
दरअसल राज्यसभा के भीतर विपक्षी सांसद जेपीसी की मांग को लेकर नारेबाजी करते नजर आए तो वहीं सत्तापक्ष के सांसदों का कहना था कि राहुल गांधी को अपने वक्तव्य के लिए माफी मांगनी चाहिए। अपनी इस मांग को लेकर सत्तापक्ष के सांसदों ने भी सदन में जमकर नारेबाजी की।
सदन की कार्रवाई स्थगित होने के उपरांत सदन के बाहर विपक्षी सांसदों ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सदन में उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि राज्यसभा में अजीब स्थिति बनी हुई है, यहां स्वयं सत्तापक्ष ही सदन को नहीं चलने दे रहा।
गौरतलब है कि दोपहर 2 बजे जैसे ही मलिकार्जुन खरगे अपनी बात रखने के लिए राज्यसभा में खड़े हुए तो भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी माफी मांगों- माफी मांगों के नारे लगाना शुरू कर दिया।
मलिकार्जुन खरगे अदानी मुद्दे पर ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमिटी (जेपीसी) की मांग को लेकर अपने वक्त रखना चाह रहे थे। खरगे ने जैसे ही बोलना शुरू किया वैसे ही सत्ता पक्ष के सांसदों ने राहुल गांधी माफी मांगो के नारे लगाना शुरू कर दिया। इस पर सभापति ने अपनी सीट से उठकर सभी सांसदों से शांत रहने की अपील की। शांति स्थापित न होते देख सभापति ने सदन की कार्रवाई पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।
--आईएएनएस
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