- भारतीय तटरक्षक बल के 50वें स्थापना दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी शुभकामनाएं, समुद्री सुरक्षा में भूमिका की सराहना
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के 50वें स्थापना दिवस (Raising Day) के अवसर पर बल के सभी अधिकारियों, जवानों और उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश के समुद्री हितों की रक्षा और समुद्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारतीय तटरक्षक बल की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
भारतीय तटरक्षक बल की स्थापना 1 फरवरी 1977 को की गई थी। यह बल भारत के क्षेत्रीय जल, सन्निकट क्षेत्र और विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में समुद्री कानून प्रवर्तन, खोज एवं बचाव (Search and Rescue) तथा मानवीय सहायता कार्यों के लिए उत्तरदायी है। इसकी परिकल्पना प्रारंभ में भारतीय नौसेना द्वारा गैर-सैन्य समुद्री सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की गई थी।
पांच दशकों से तटरक्षक बल की अहम भूमिका: राष्ट्रपति
अपने संदेश में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि बीते पांच दशकों में भारतीय तटरक्षक बल ने तटरेखा की सुरक्षा, समुद्री हितों के संरक्षण और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा,
“भारतीय तटरक्षक बल के कर्मियों का समर्पण और साहस पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। मैं राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय सेवाओं के प्रति उनके अटूट समर्पण की सराहना करती हूं।”
राष्ट्रपति ने बल के सभी रैंकों और उनके परिवारों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
उपराष्ट्रपति और रक्षा मंत्री ने भी दी बधाई
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भी भारतीय तटरक्षक बल को उसके स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि पांच दशकों की निष्ठावान सेवा ने भारतीय तटरक्षक (Bharatiya Tatrakshak) को देश की सुरक्षा व्यवस्था में एक विशिष्ट स्थान दिलाया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में बल का योगदान सराहनीय रहा है। ‘स्वर्णिम वर्ष (Swarnim Varsh)’ में प्रवेश कर रहे तटरक्षक बल को लेकर उन्होंने विश्वास जताया कि उसकी दूरदृष्टि, विशेषज्ञता और सहयोग की भावना भारत की समुद्री सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगी। उन्होंने बल के आदर्श वाक्य ‘वयम् रक्षामः’ (We Protect) के प्रति कर्मियों के समर्पण की प्रशंसा की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी भारतीय तटरक्षक बल और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि बल ने तट सुरक्षा, अवैध गतिविधियों की रोकथाम, प्राकृतिक आपदाओं में राहत कार्य और राष्ट्रीय सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभाई है।
स्वर्ण जयंती वर्ष 2026–27 में नई ऊंचाइयों की उम्मीद
रक्षा मंत्री ने कहा कि स्वर्ण जयंती वर्ष 2026–27 में प्रवेश करते हुए उन्हें विश्वास है कि भारतीय तटरक्षक बल अत्याधुनिक तकनीक, नवाचार और संचालन क्षमता के साथ समुद्री निगरानी में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। उन्होंने देश के समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा में लगे सभी कर्मियों को शुभकामनाएं दीं।