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अदालत ने भारतीय व चार अन्य के खिलाफ फैसला रखा बरकरार

दुबई, 24 नवंबर (आईएएनएस)। दुबई की एक अदालत ने भारतीय सहित पांच लोगों के खिलाफ अपने फैसले को बरकरार रखा है। इन पांच लोगों को पिछले साल जेबेल अली बंदरगाह पर खड़े एक जहाज में आग लगाने और विस्फोट करने का दोषी ठहराया गया था।

द नेशनल ने रिपोर्ट में बताया, एक महीने की जेल की अवधि और 100,000 दिर्हाम का जुर्माना अगस्त में दुबई अदालत द्वारा लगाया गया था, जिसमें जहाज के 42 वर्षीय भारतीय कप्तान और चार पाकिस्तानियों को 7 जुलाई, 2021 को सुरक्षा प्रक्रियाओं की अवेहलना करने का दोषी पाया गया था।

चारों पाकिस्तानी शिपिंग, मरीन, ट्रेडिंग और कार्गो कंपनियों के मालिक और प्रतिनिधि थे। अभियोजकों ने कहा कि वे अभियुक्तों के लिए कड़ी सजा और निर्वासन चाहते हैं।

द नेशनल की सोमवार की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने मामले की आगे की जांच के लिए एक समुद्री विशेषज्ञ नियुक्त करने के पांच लोगों के अनुरोध को भी ठुकरा दिया।

जहाज पर कंटेनरों में विस्फोट हुआ, जिसमें खतरनाक कार्बनिक पेरोक्साइड प्रकार सी था। हादसे में 24 मिलियन दिर्हाम की हानि हुई थी।

दुबई पुलिस फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट के अनुसार, आग पर्यावरण, स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रबंधन कानून में उल्लिखित सुरक्षा प्रक्रियाओं की लापरवाही और अनुपालन की कमी का परिणाम थी।

इसमें कहा गया है कि खतरनाक सामग्री वाले 640 बैरल कंटेनर के अंदर थे, जिन्हें बरकरार रखा जाना चाहिए था और पूरी यात्रा के दौरान सील कर दिया जाना चाहिए था।

लेकिन उन्हें घटना के दिन तक 12 दिनों तक सीधे धूप में रखा गया।

जहाज के कप्तान ने अपने बचाव में कहा कि उन्हें नहीं पता था कि कंटेनर तेज धूप और उच्च तापमान के संपर्क में था।

जहाज पर सवार 14 नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया और किसी के मरने या गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है।

आग पर काबू पाने में 40 मिनट लगे।

चश्मदीदों के मुताबिक, धमाका दुबई के कुछ हिस्सों में सुना गया था।

दुबई स्थित डीपी वल्र्ड द्वारा संचालित जेबेल अली बंदरगाह दुनिया का नौवां सबसे बड़ा और इस क्षेत्र का सबसे बड़ा बंदरगाह है।

–आईएएनएस

पीके/एएनएम

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