पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने उत्तराखंड में मदरसों को लेकर बड़ा और सख्त रुख अपनाया है। देहरादून में आयोजित ‘चार साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए कि राज्य में अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी और शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाया जाएगा।
📍 देहरादून में बड़ा ऐलान
देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में मदरसों को “अलगाववादी सोच के केंद्र” नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि सरकार ऐसे संस्थानों पर सख्त कार्रवाई कर रही है।
👉 मुख्य घोषणा:
- जुलाई 2026 से सभी मदरसों में सरकारी बोर्ड से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम लागू
- शिक्षा को मुख्यधारा से जोड़ने पर फोकस
🏗️ 401 करोड़ की 74 परियोजनाओं का शिलान्यास
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने विकास को रफ्तार देते हुए:
- ₹401 करोड़ की लागत
- 74 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
उन्होंने कहा कि सरकार राज्य आंदोलनकारियों के सपनों को साकार करने के लिए लगातार काम कर रही है।
📊 सरकार की बड़ी उपलब्धियां
CM पुष्कर सिंह धामी ने पिछले चार साल की उपलब्धियां भी गिनाईं:
- राज्य की अर्थव्यवस्था में 1.5 गुना से ज्यादा वृद्धि
- GSDP में 7.23% बढ़ोतरी
- प्रति व्यक्ति आय में 41% इजाफा
- 20,000+ नए उद्योग स्थापित
- स्टार्टअप 700 से बढ़कर 1750
👩🌾 महिला सशक्तिकरण और रोजगार
- 2.65 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनीं
- रिवर्स पलायन में 44% वृद्धि
- 30,000+ युवाओं को सरकारी नौकरी
⚖️ भ्रष्टाचार पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रही है:
- 100+ नकल माफिया जेल भेजे गए
- भर्ती और खनन घोटालों पर कार्रवाई
- “छोटी मछली हो या बड़ा मगरमच्छ, कोई नहीं बख्शा जाएगा”
🛑 कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान
सरकार ने राज्य की पहचान और संतुलन बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए:
- धर्मांतरण विरोधी कानून
- दंगा विरोधी कानून
- 12,000 एकड़ सरकारी भूमि अतिक्रमण से मुक्त
पुष्कर सिंह धामी सरकार का यह कदम उत्तराखंड में शिक्षा, कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक संतुलन को लेकर बड़ा बदलाव ला सकता है।
अवैध मदरसों पर सख्ती और नया पाठ्यक्रम लागू करने का फैसला आने वाले समय में राज्य की शिक्षा प्रणाली को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।