- नई दिल्ली: भारत-ब्राजील संबंधों में नई दिशा, डिजिटल और AI पर खास फोकस
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री Narendra Modi और ब्राजील के राष्ट्रपति Luiz Inacio Lula da Silva के बीच विस्तृत वार्ता के बाद भारत और ब्राजील ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने का बड़ा फैसला लिया। दोनों देशों ने डिजिटल परिवर्तन, आर्थिक एकीकरण, जलवायु नेतृत्व और ग्लोबल साउथ सहयोग को द्विपक्षीय संबंधों के केंद्र में रखने पर सहमति जताई।
राष्ट्रपति लूला की भारत यात्रा के बाद जारी संयुक्त बयान में 2006 में स्थापित भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। दोनों नेताओं ने इसे “उच्च उद्देश्यों वाली दो महान लोकतांत्रिक राष्ट्रों की साझेदारी” बताया।
डिजिटल साझेदारी और AI पर जोर
यात्रा की सबसे अहम उपलब्धि “डिजिटल पार्टनरशिप फॉर द फ्यूचर” पर संयुक्त घोषणा रही। भारत और ब्राजील ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को सार्वभौमिक सेवाओं, वित्तीय समावेशन और बड़े पैमाने पर नवाचार का आधार बताया।
राष्ट्रपति लूला ने नई दिल्ली में आयोजित दूसरे AI इम्पैक्ट समिट में भी भाग लिया। दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लार्ज लैंग्वेज मॉडल, डेटा प्रोटेक्शन फ्रेमवर्क और एथिकल गवर्नेंस पर सहयोग बढ़ाने का फैसला किया।
साथ ही, BRICS और संयुक्त राष्ट्र ढांचे के तहत AI के जिम्मेदार और विकासोन्मुख उपयोग पर तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया गया। नेताओं ने स्पष्ट किया कि AI का उपयोग विकास के लिए होना चाहिए, न कि वैश्विक असमानताओं को बढ़ाने के लिए।
जलवायु और तकनीक का संगम
दोनों देशों ने ओपन प्लेनेटरी इंटेलिजेंस नेटवर्क (OPIN) जैसी पहलों के जरिए डिजिटल और क्लाइमेट ट्रांजिशन को जोड़ने की प्रतिबद्धता जताई। इसका उद्देश्य तकनीक के माध्यम से जलवायु कार्रवाई और सतत विकास को बढ़ावा देना है।
व्यापार 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य
आर्थिक मोर्चे पर 2025 में द्विपक्षीय व्यापार में 25.5% की वृद्धि का स्वागत किया गया। दोनों देशों ने 2030 तक व्यापार को 30 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया।
गैर-टैरिफ बाधाओं, एंटी-डंपिंग मुद्दों और नियामकीय अड़चनों को दूर करने के लिए अधिकारियों को ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए, ताकि व्यापार और निवेश को नई गति मिल सके।
भारत और ब्राजील की यह पहल न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देगी, बल्कि ग्लोबल साउथ के नेतृत्व में नई आर्थिक और डिजिटल व्यवस्था के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाएगी