देहरादून । पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार का ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान 45 दिनों के बाद अभूतपूर्व उपलब्धियों के साथ सम्पन्न हो गया। दिसंबर से 20 फरवरी तक चले इस विशेष अभियान के तहत प्रदेशभर में 681 शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 5,33,452 नागरिकों ने प्रत्यक्ष भागीदारी की।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयोजित इस अभियान का उद्देश्य था कि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और प्रशासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचकर समस्याओं का समाधान करे।
33,755 शिकायतों का मौके पर निस्तारण
अभियान के दौरान कुल 51,053 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 33,755 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। इसके अलावा विभिन्न प्रमाणपत्रों के लिए 74,184 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
करीब तीन लाख लोगों ने विभिन्न सरकारी सेवाओं का भी लाभ उठाया। केवल समापन दिवस पर ही 11 शिविरों में 8,209 नागरिकों ने भाग लिया।
सुशासन की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को बिना भागदौड़ के सरकारी सेवाएं मिलना ही सुशासन की पहली सीढ़ी है। यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता देती है।
हालांकि विशेष अभियान सम्पन्न हो गया है, लेकिन प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे आगे भी जनता के बीच पहुंचकर शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।