कार्यकर्ता का सम्मान कैसा होना चाहिए — यह अगर किसी से सीखना हो, तो वो नाम है Pushkar Singh Dhami।
आज उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ में आयोजित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री को जैसे ही सूचना मिली कि भाजपा के बढ़ेथी बूथ अध्यक्ष उत्तम सिंह रावत की सुपुत्री आशिका रावत का विवाह समारोह चल रहा है, उन्होंने बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे उनके घर पहुंचकर सभी को चौंका दिया।
न कोई औपचारिकता, न प्रोटोकॉल का शोर — सिर्फ आत्मीयता, अपनापन और कार्यकर्ता के प्रति सम्मान। मुख्यमंत्री धामी ने परिवार से मुलाकात की, नवदंपत्ति को आशीर्वाद दिया और यह संदेश दिया कि संगठन की असली ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता होते हैं।
राजनीति में अक्सर बड़े नेता कार्यकर्ताओं से दूरी बनाकर रखते हैं, लेकिन धामी का यह कदम बताता है कि उनके लिए हर कार्यकर्ता परिवार का हिस्सा है। यही कारण है कि कार्यकर्ताओं के बीच उनका विशेष स्नेह और विश्वास बना हुआ है।
यह सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट नहीं थी, बल्कि एक भावनात्मक संदेश था —
सत्ता का शिखर चाहे जितना ऊंचा हो, जड़ों से जुड़ाव ही असली नेतृत्व की पहचान है।