खटीमा । महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा सिविल न्यायालय परिसर में लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अधिवक्ताओं के नए चैम्बर का फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह नया चैम्बर न्यायिक विमर्श और विधि अध्ययन का प्रमुख केंद्र बनेगा, जिससे न्यायिक कार्यों में तेजी और सुगमता आएगी।
न्याय व्यवस्था में तकनीकी सुधार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश की न्याय व्यवस्था को पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पुराने अप्रासंगिक कानूनों को हटाकर भारतीय न्याय संहिता 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लागू की गई हैं। इसके साथ ही ई-कोर्ट्स प्रोजेक्ट, नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड, फास्ट ट्रैक और स्पेशल कोर्ट, महिला एवं बाल अपराधों के लिए त्वरित न्याय तंत्र तथा डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम जैसी पहलों से न्याय प्रक्रिया अधिक प्रभावी हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के उपयोग से न्यायालयों में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ी है तथा मामलों के निस्तारण में तेजी आई है।
20 नए चैंबर के लिए ₹2.5 करोड़ की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं की मांग पर 20 नए चैंबर निर्माण के लिए ₹2 करोड़ 50 लाख की घोषणा की। उन्होंने कहा कि खटीमा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में रहे मौजूद
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।