देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार की अभिनव पहल ‘जन-जन की सरकार, जन-जन द्वार’ आज प्रदेश में गुड गवर्नेंस का प्रभावी और भरोसेमंद मॉडल बनकर उभरी है। इस कार्यक्रम के जरिए सरकार खुद जनता के द्वार तक पहुंचकर समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान कर रही है।
555 कैंप, 4.36 लाख से अधिक नागरिकों की सीधी सहभागिता
दिनांक 03 फरवरी 2026 तक राज्य के सभी 13 जनपदों में इस अभियान के अंतर्गत कुल 555 जनसुनवाई कैंप आयोजित किए जा चुके हैं। इन कैंपों के माध्यम से 4,36,391 नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता की, जिससे सरकार और जनता के बीच संवाद और भरोसा और मजबूत हुआ है।
43 हजार से अधिक शिकायतें, 29 हजार से ज्यादा का समाधान
जनसुनवाई कैंपों में अब तक 43,032 शिकायतें एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री की स्पष्ट नीति और प्रशासन की सक्रियता के चलते 29,042 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार केवल सुनवाई नहीं, बल्कि समाधान की जिम्मेदारी भी पूरी गंभीरता से निभा रही है।
सरकारी सेवाएं और योजनाएं—अब गांव में ही उपलब्ध
इन कैंपों के माध्यम से अब तक 61,460 से अधिक प्रमाण पत्र व शासकीय सेवाएं नागरिकों को मौके पर ही उपलब्ध कराई गईं। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत 2,39,766 से अधिक नागरिकों को सीधा लाभ मिला है। इससे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिली है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गुड गवर्नेंस की सोच का सबसे प्रभावी असर महिला सशक्तिकरण के रूप में सामने आया है। पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों की महिलाएं, जिन्हें पहले तहसील या जिला मुख्यालय जाना पड़ता था, अब अपने गांव में ही प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ रही हैं।
महिला शिकायतों का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ निस्तारण किया जा रहा है, जिससे प्रशासन के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
हर जनपद में संतुलित और प्रभावी क्रियान्वयन
अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी—प्रदेश के सभी जिलों में इस कार्यक्रम का स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है।
उत्तराखंड को गुड गवर्नेंस का आदर्श राज्य बनाने की दिशा में कदम
‘जन-जन की सरकार, जन-जन द्वार’ कार्यक्रम यह सिद्ध करता है कि उत्तराखंड में शासन व्यवस्था जवाबदेह, पारदर्शी और जन-केंद्रित बन रही है। नीतियां अब कागजों से निकलकर जमीन पर उतर रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान
“हमारी सरकार का संकल्प है कि शासन केवल सचिवालय तक सीमित न रहे, बल्कि अंतिम व्यक्ति के द्वार तक पहुंचे। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन द्वार’ इसी सोच का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों की महिलाओं को उनके गांव में ही प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराना हमारी गुड गवर्नेंस की प्राथमिकता है।
उत्तराखंड को सुशासन का आदर्श राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।”