Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में बताए सरकार के तीन ‘कर्तव्य’, रचा गया इतिहास – Satya Voice

Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में बताए सरकार के तीन ‘कर्तव्य’, रचा गया इतिहास

नई दिल्ली। देश के आर्थिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया, जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया।

यह कई मायनों में ऐतिहासिक बजट रहा। पहली बार रविवार के दिन बजट पेश किया गया, और साथ ही यह पहला बजट है जिसे कर्तव्य भवन (Kartavya Bhavan) में तैयार किया गया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण की शुरुआत में ही इस ऐतिहासिक अवसर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह बजट देश की बदलती कार्यसंस्कृति और शासन की नई सोच को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार जनता के प्रति अपने तीन प्रमुख ‘कर्तव्यों (Kartavyas)’ को ध्यान में रखते हुए आगे की नीतियों और फैसलों को आकार दे रही है।

सरकार के तीन ‘कर्तव्य’ पर ज़ोर

अपने संबोधन के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार जनता के प्रति तीन मूल कर्तव्यों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनके तहत समावेशी विकास, जिम्मेदार शासन और भविष्य की पीढ़ियों के लिए मज़बूत आधार तैयार करने पर फोकस किया जाएगा।

हालांकि उन्होंने इन कर्तव्यों का विस्तृत खाका आगे के बजटीय प्रावधानों के माध्यम से प्रस्तुत करने की बात कही, लेकिन यह साफ संकेत दिया कि यह बजट जन-केंद्रित और दायित्व-बोध से प्रेरित होगा।

निर्मला सीतारमण का नौवां बजट

यह बजट निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां केंद्रीय बजट है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। संसद में प्रस्तुत इस बजट को उन्होंने आत्मविश्वास और स्पष्ट दृष्टि के साथ रखा। बजट भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के सांसदों ने मेज़ थपथपाकर उनका स्वागत किया।

कर्तव्य भवन से बजट, नई प्रशासनिक परंपरा

वित्त मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि यह पहला अवसर है जब केंद्रीय बजट कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है। यह भवन सरकार की नई प्रशासनिक व्यवस्था और कार्यसंस्कृति का प्रतीक माना जा रहा है, जहां पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और कर्तव्य-बोध को प्राथमिकता दी जा रही है।

देश की निगाहें बजट पर

रविवार के दिन बजट पेश होने के कारण आम जनता, उद्योग जगत और नीति विशेषज्ञों की विशेष निगाहें इस बजट पर टिकी रहीं। डिजिटल प्लेटफॉर्म और लाइव प्रसारण के ज़रिए देशभर के लोगों ने बजट भाषण को देखा और सुना।

अब आने वाले घंटों और दिनों में बजट के विभिन्न प्रावधानों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा, जिससे यह साफ हो सकेगा कि सरकार के बताए गए ये तीन ‘कर्तव्य’ ज़मीन पर किस तरह आकार लेते हैं।

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