- ‘Life In Danger’: शेख हसीना ने बताई वजह — क्यों छोड़ना पड़ा बांग्लादेश, अगस्त आंदोलन को कहा ‘विद्रोह’
ढाका/नई दिल्ली | Digital Desk: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने खुलासा किया है कि उन्होंने 5 अगस्त 2024 को देश इसलिए छोड़ा क्योंकि उस समय चल रहे व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के बीच उनकी जान को गंभीर खतरा था।
हसीना ने कहा कि अगर वे उस दौरान देश में रुकतीं, तो न सिर्फ उनकी बल्कि उनके आसपास के लोगों की जान और सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती।
🔹 “देश छोड़ना मेरी मजबूरी थी” — शेख हसीना
एक हालिया इंटरव्यू में हसीना ने कहा,
“मैंने बांग्लादेश इसलिए छोड़ा क्योंकि वहां रहना असंभव हो गया था। हालात ऐसे थे कि मेरी और मेरे करीबियों की सुरक्षा दांव पर थी।”

उन्होंने कहा कि अगस्त 2024 के प्रदर्शन सिर्फ राजनीतिक आंदोलन नहीं, बल्कि एक ‘संगठित विद्रोह’ (Insurrection) थे, जिन्होंने देश के संवैधानिक ढांचे को हिलाकर रख दिया।
🔹 5 अगस्त 2024: जब बांग्लादेश में सबकुछ बदल गया
बांग्लादेश में जुलाई-अगस्त 2024 के दौरान छात्रों द्वारा सरकारी नौकरियों में कोटा प्रणाली के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन धीरे-धीरे सरकार विरोधी जनआंदोलन में बदल गया।
5 अगस्त को प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास ‘गणोभवन’ के बाहर घेराव किया। हिंसक झड़पों में दर्जनों लोगों की मौत हुई और पुलिस का नियंत्रण कमजोर पड़ गया। इसी दिन हसीना ने देश छोड़ भारत आने का फैसला लिया।
🔹 अब हसीना कहां हैं?
फिलहाल शेख हसीना भारत में रह रही हैं, और उन्होंने कहा है कि वे तब तक बांग्लादेश वापस नहीं लौटेंगी, जब तक वहां “वैध संवैधानिक सरकार” और स्थिरता बहाल नहीं हो जाती।
उन्होंने कहा,
“मैं बांग्लादेश लौटना चाहती हूं, लेकिन ऐसी सरकार के अधीन नहीं जो अवैध रूप से सत्ता में आई हो।”
🔹 आंदोलन को लेकर क्या कहा हसीना ने?
हसीना के मुताबिक, अगस्त 2024 के विरोध “सिर्फ राजनीतिक असंतोष नहीं” बल्कि राज्य व्यवस्था को अस्थिर करने की साजिश थे।
उन्होंने कहा कि “इस आंदोलन में बाहरी ताकतें और विपक्षी दलों ने हिंसा भड़काने की भूमिका निभाई।”
वहीं, विपक्ष का दावा है कि हसीना सरकार की तानाशाही नीतियों, चुनावी धांधली और दमनकारी कार्रवाइयों के खिलाफ जनता सड़कों पर उतरी थी।
🔹 बांग्लादेश में क्या स्थिति है अब?
- Awami League (हसीना की पार्टी) के कई वरिष्ठ नेताओं पर मुकदमे चल रहे हैं।
- देश में अस्थायी प्रशासन काम कर रहा है और न्यायिक जांच आयोग आंदोलन की हिंसा की जांच कर रहा है।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश में लोकतंत्र और मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर कई संगठन सवाल उठा चुके हैं।
🔹 विश्लेषण: बांग्लादेश की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़
शेख हसीना का सत्ता से बाहर होना और देश छोड़ना, बांग्लादेश की राजनीति के इतिहास में सबसे बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
एक ओर जहां विरोधी इसे “जनता की जीत” बता रहे हैं, वहीं हसीना इसे “राजनीतिक साजिश” और “विद्रोह” कह रही हैं।
📍मुख्य बिंदु:
- शेख हसीना ने 5 अगस्त 2024 को देश छोड़ा
- कहा: “अगर रुकती, तो जान को खतरा था”
- विरोध-प्रदर्शनों को बताया “Insurrection”
- भारत में रह रहीं हैं, कहा – “अवैध शासन में नहीं लौटूंगी”