- एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होने चीन पहुंचे पीएम मोदी, शी जिनपिंग और पुतिन से करेंगे मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार दोपहर चीन के तियानजिन पहुंचे। वह यहां रविवार से शुरू हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। जापान यात्रा खत्म करने के बाद पीएम मोदी सीधे तियानजिन पहुंचे, जहां बिन्हाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा—
“तियानजिन में उतरा। शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान गहन चर्चाओं और विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाकात की प्रतीक्षा है।”
शी जिनपिंग और पुतिन से मुलाकात तय
शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी की कई अहम द्विपक्षीय बैठकें भी प्रस्तावित हैं।
- रविवार को उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बैठक होगी।
- सोमवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात होगी।
मोदी और शी जिनपिंग की पिछली मुलाकात 2024 में रूस के कज़ान में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच 3,500 किमी लंबी एलएसी पर गश्त को लेकर समझौता हुआ था, जिसने चार साल से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने का रास्ता खोला।
भारत की भूमिका और योगदान
भारत 2017 से SCO का सदस्य है और 2022-23 में इस संगठन की अध्यक्षता भी कर चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा—
- “भारत SCO का सक्रिय और रचनात्मक सदस्य है। हमारी अध्यक्षता के दौरान हमने नवाचार, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग की नई पहल की। भारत साझा चुनौतियों से निपटने और क्षेत्रीय सहयोग को गहराने के लिए प्रतिबद्ध है।”
पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि जापान और चीन की यह यात्रा राष्ट्रीय हितों को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, सुरक्षा और सतत विकास को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।
क्या है SCO?
- शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना 15 जून 2001 को हुई थी। इसके 10 सदस्य देश हैं—
चीन, रूस, भारत, कज़ाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, पाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस।
संगठन के 2 पर्यवेक्षक देश अफगानिस्तान और मंगोलिया हैं, जबकि 14 संवाद साझेदार देशों में तुर्की, नेपाल, श्रीलंका, सऊदी अरब, कतर, मालदीव, यूएई और म्यांमार शामिल हैं।
