धर्म

शनिदेव ( Shanidev ) : जिंदगी में सुख चाहते हैं तो आज करें ये उपाय, 5111 रसगुल्लों से हल्द्वानी में हो रही है विशेष शनि पूजा…

आज शनिवार का दिन है। यानी भगवान शनि महाराज की भक्ति और उन्हें प्रसन्न करने का दिन। इस दिन पीपल के पेड़ के नीचे दीप दान करना और जल चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है और ये काम आप सुबह – सुबह सूरज उगने से पहले कर दें तो मनचाहा फल या एकम कहें मनोकामना पूरी होना तय है।

लेकिन अगर आप सूर्योदय से पहले ये नहीं कर पाए हैं तो भी कोई बात नहीं। क्योंकि शनिवार का संपूर्ण दिन शनि महाराज को समर्पित है।।आपको पूरे दिन में जब भी वक्त मिले आप शनि महाराज की स्तुति कर सकते हैं। वैसे माना गया है कि सूर्य अस्त होने और रात छाने से के बीच जो थोड़ा यानी अल्प समय होता है उस समय शनिदेव की पूजा के लिए सर्वोत्तम है।

शनिदेव-1

इस समय आप भगवान शनिदेव को दीप दान के साथ खिचड़ी और तेल का दान करें तो शनि ग्रह शांत होते हैं और आपके जीवन की सारी बढ़ाएं दूर हो जाती हैं। शनि महाराज को भगवान शंकर के वरदानी न्याय के देव के रूप में पूजा जाता है। शनि वैसे तो न्याय के देवता हैं। लेकिन उनकी दृष्टि टेढ़ी होने पर बड़े बड़ों का बचना संभव नहीं।

कहने हैं शनि की दशा अगर किसी पर लग जाए तो राजा को भिखारी बनते देर नहीं लगती। ऐसा नहीं है कि शनि की इस दृष्टि से केवल इंसान जूझते हैं बल्कि स्वयं देवता भी इनकी दृष्टि के चक्र से नहीं बच पाते। लेकिन जो इनकी भक्ति करते हैं इन पर शनि देव हमेशा मेहरबान रहते हैं। और ऐसे घरों को सुख संपदा से भर देते हैं। ऐसे में शनिवार यानी आज का दिन श्री शनि महाराज की भक्ति के लिए बेहद खास है।

हल्द्वानी के लिए आज का दिन है बेहद खास! आप भी लें विशेष पूजा का लाभ

कुमाऊं के सबसे बड़े शहर हल्द्वानी के लिए आज यानी 26 अगस्त का दिन बेहद खास है। क्योंकि आज यहां के एक शनि देव मंदिर में विशाल पूजा होने जा रही है। रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव मंदिर के पास बने नव ग्रह मंदिर का स्थापना दिवस है। श्रद्धालुओं की तरफ से आज का दिन बेहद खास अंदाज में मनाने की तैयारी है। इस बार मंदिर के आयोजकों द्वारा शनि देव को पांच हजार एक सौ ग्यारह 5111 के मीठे-मीठे रसगुल्लों का भोग लगाया जाएगा।

शनिदेव-2

आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए श्री शनिदेवजी महाराज एवं नवग्रह मंदिर समिति ने बताया गया कि हर साल की तरह इस बार भी धार्मिक लोग यहां आमंत्रित हैं। इस धार्मिक कार्य में भागीदार बनकर आप भी भगवान श्री शनि महाराज की विशेष कृपा हासिल कर सकते हैं। विशेष पूजन कार्यक्रम सुबह प्रातः 4 बजे से होंगे।

सुबह 10 बजे से विशेष तौर पर शनि भजनों का आयोजन होगा। 11 बजे भोग लगाने के साथ भंडारा शुरू हो जाएगा। शाम पांच बजे से सुंदरकाण्ड और महाआरती का आयोजन होगा।

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