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लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी स्टेक होल्डर्स की सहमति से ही कानून बनाने की वकालत की

नई दिल्ली, 6 जून (आईएएनएस)। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी स्टेक होल्डर्स की सहमति से ही कानून बनाने की वकालत करते हुए कहा है कि जब सभी स्टेक होल्डर्स की सहमति से कानून का निर्माण होता है, तभी लोकतंत्र अधिक स्वस्थ एवं पुष्ट होता है। उन्होने इसकी पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि सदन में जब कोई प्रस्ताव लाया जाए, तो जनप्रतिनिधि अपने-अपने स्तर पर अपने क्षेत्रवासियों से उस पर संवाद करें और क्षेत्र के लोगों से उस बिल के ड्राफ्ट या प्रस्ताव पर राय जानें क्योंकि इसी प्रक्रिया से एक बेहतर कानून का निर्माण होगा।

मणिपुर विधान सभा के सदस्यों के लिए प्राइड, लोक सभा सचिवालय द्वारा संसद भवन में आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सदन में जनप्रतिनिधियों का आचरण सिर्फ सदन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका प्रभाव कई स्तरों पर पड़ता है। जनता में भी सीधा संदेश जाता है। उन्होंने चेताया कि जनता को यह भरोसा होता है कि उनके जनप्रतिनिधि सदन का सर्वश्रेष्ठ उपयोग कर रहे हैं और इसलिए सदन में अनुशासन और मर्यादा जनप्रतिनिधियों के व्यवहार का अनिवार्य अंग होना चाहिए।

उन्होने देश की सभी विधायिका को बदलती दुनिया के अनुरूप अपने आपको अपडेट करने की सलाह देते हुए कहा कि जनता को विधायिका से जोड़ने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी बहुत कारगर हो सकती है। यह बताते हुए कि एक देश-एक विधायी प्लेटफॉर्म अर्थात ई-विधान के तहत पूरे देश के विधान मंडलों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाना है, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह एक ऐसा पोर्टल होगा, जो न केवल हमारी संसदीय प्रणाली को तकनीकी रूप से विकसित करेगा, बल्कि देश की सभी लोकतांत्रिक इकाइयों को परस्पर जोड़ने का कार्य भी करेगा।

मणिपुर विधान सभा की समृद्ध विरासत का उल्लेख करते हुए बिरला ने कहा कि बीते 50 वर्षों में इसने अपनी रीति और आचरण से देश की विधायी परंपरा को मजबूत और समृद्ध बनाने में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि अनेक जनहितकारी फैसलों और साझा सहमतियों से आम जनता के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाने का काम इन वर्षों में मणिपुर विधान सभा द्वारा किए गए हैं। उन्होने मणिपुर के पहली बार निर्वाचित हुए विधायकों को सदन के अनुभवी और वरिष्ठ विधायकों से उनके अनुभव का लाभ लेने की सलाह देते हुए सुझाव दिया कि उन्हे वरिष्ठ विधायकों से नियम-कानून निर्माण की बारीकियां समझनी चाहिए। नियम प्रक्रियाओं का और संविधान का अध्ययन करना चाहिए, इससे वे एक उत्कृष्ट विधायक के रूप में अपना कार्य कर पाएंगे।

इस ओरिएंटेशन प्रोग्राम में मणिपुर विधान सभा के 19 सदस्य भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर बिरला ने लोक सभा सचिवालय के प्राइड द्वारा प्रकाशित एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास एवं सहकारिता राज्य मंत्री बी एल वर्मा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

–आईएएनएस

एसटीपी/एएनएम

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