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पाठ्यपुस्तक संशोधन विवाद पर कर्नाटक के शिक्षा मंत्री ने कहा- हमने राष्ट्रवाद जोड़ा है

मैसूर (कर्नाटक), 25 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बी. सी. नागेश ने पाठ्यपुस्तक विवाद पर टिप्पणी करते हुए बुधवार को कहा कि पाठ्यक्रम से संबंधित हर चीज को बदला जा रहा है।

उन्होंने कहा, शुरुआत से ही अंग्रेजों द्वारा डिजाइन किए गए पाठ्यक्रम को स्कूलों में पढ़ाया जाता रहा। सत्ता संभालने के बाद, हमने पाठ्यक्रम में राष्ट्रवाद को शामिल किया है।

शिक्षा मंत्री ने कहा, देश में पहले अमेरिका के निर्देशों के अनुसार ही सब कुछ किया गया है। दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने के बाद सब कुछ बदल गया। परिवर्तन दुनिया का नियम है।

दलित लेखक और कार्यकर्ता देवनूर महादेवा की ओर से सरकार को पाठ्य पुस्तक से उनका पाठ (लेसन) हटाने के लिए लिखे गए पत्र पर टिप्पणी करते हुए मंत्री नागेश ने कहा कि किताबों की छपाई पूरी हो चुकी है और इस स्तर पर उनका पाठ हटाना संभव नहीं है।

उन्होंने कहा, अगर उन्होंने अपना फैसला पहले बता दिया होता तो इस पर चर्चा हो सकती थी। पाठ्यपुस्तक बच्चों तक पहुंचने वाली है, अब हम कोई फैसला नहीं ले सकते।

नागेश ने कहा, हम देवनूर महादेवा को इस मुद्दे के बारे में समझाएंगे। उनके वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, हमारे पास नहीं हैं।

उन्होंने कहा, कांग्रेस के विपरीत, भाजपा ने वोट बैंक की राजनीति नहीं की है। भाजपा ने जन-समर्थक राजनीति की है। हमने देश के लिए सबसे अच्छा किया है। सभी विवादों के बाद, अब लोग चतुर्वण्र्य की बात कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक देवनूर महादेव का कोई पत्र नहीं मिला है।

इस बीच, कर्नाटक रक्षणा वेदिका के अध्यक्ष नारायण गौड़ा ने कहा है कि राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को पुरानी पाठ्यपुस्तकों का वितरण करना चाहिए और संशोधित पाठ्यपुस्तकों को रोकना चाहिए।

उन्होंने पाठ्यपुस्तक संशोधन समिति को हटाने की भी मांग की और समिति के अध्यक्ष के रूप में रोहित चक्रतीर्थ को नामित करने के लिए सरकार को फटकार लगाई। उन्होंने यह भी मांग की कि मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और इस मुद्दे को हल करना चाहिए।

–आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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