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पाटीदार आंदोलन के सदस्यों ने हार्दिक पटेल पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

गांधीनगर, 26 मई (आईएएनएस)। पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पास) के संयोजक और गुजरात कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल के कभी एक समय जो सहयोगी और फैन फॉलोअर्स होते थे, अब वही उन पर निशाना साध रहे हैं।

उन्होंने पटेल पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया है। इस संबंध में हार्दिक की टिप्पणी लेने का प्रयास किया गया, मगर वे इसके लिए उपलब्ध नहीं थे।

ताजा आरोप भावनगर से हार्दिक पटेल के कभी सहयोगी रहे भावेश सोमानी ने लगाया है, जिन्होंने कहा है कि उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया पर हार्दिक पटेल के निर्देश पर चप्पल फेंकी थी।

सोमानी ने हार्दिक पटेल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हार्दिक ने 2017 में गरियाधर विधानसभा क्षेत्र के चुनाव के लिए टिकट देने के लिए 23 लाख रुपये की रिश्वत ली थी। सोमानी ने कहा, 10 लाख रुपये उनके पिता भरतभाई को उनके अहमदाबाद के फ्लैट में दिए गए और बाकी का भुगतान अंगदिया सर्विसेज के माध्यम से दो किस्तों में किया गया।

हार्दिक पटेल इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। जब आईएएनएस ने उनसे फोन पर और टेक्स्ट मैसेज के जरिए संपर्क किया, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

हार्दिक जहां कई तरह के आरोपों से घिरे हुए हैं, वहीं उनकी एक समय की सहयोगी वंदना पटेल उनके समर्थन में सामने आई हैं। उन्होंने पाटीदारों और पास कार्यकर्ताओं से हार्दिक पटेल के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना बंद करने की अपील की है। उन्होंने आदिवासी समुदाय के शासन का हवाला दिया, जहां कोई भी अपने नेताओं के पक्ष बदलने पर आरोप नहीं लगाता है। उन्होंने कहा कि अश्विन कोटावल और केवल जोशीयारा भाजपा में शामिल हो गए, लेकिन आदिवासी समुदाय ने उनकी आलोचना नहीं की।

भावनगर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह गोहिल ने कहा, इन आरोपों को निराधार नहीं कहा जा सकता है।

गोहिल ने कहा, मैं जानता हूं कि भावेश सोमानी भावनगर में हार्दिक पटेल के भरोसेमंद और विश्वासपात्र में से एक रहे हैं। मैंने उनके बारे में सुना है कि उन्होंने चुनाव के लिए भावनगर जिले में हार्दिक की जनसभा आयोजित करने के लिए पैसे की मांग की थी। गरियाधर कांग्रेस उम्मीदवार परेश खेनी पार्टी कार्यकर्ता होने के साथ-साथ पास कार्यकर्ता भी हैं।

मेहसाणा जिले के उनावा के पास कार्यकर्ता धनजी पाटीदार का कहना है कि लोग तो सवाल करेंगे ही और ऐसे आरोप भी लगाएंगे। उन्होंने कहा, हार्दिक पटेल पास आंदोलन का नेतृत्व करने से पहले और बाद में अपने परिवार की वार्षिक आय का खुलासा क्यों नहीं कर रहे हैं। उनकी आय का स्रोत क्या है? क्या वह कहीं नौकरी करते हैं? क्या उनका किसी उद्योग में निवेश है? वह अपने खचरें को कैसे पूरा कर रहे हैं और एक शानदार जीवन बिता रहे हैं?

हार्दिक पटेल के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर पास संयोजक और अब भाजपा नेता वरुण पटेल ने कहा, एक बार जब कोई पाटीदार नेता राजनीति में शामिल हो जाता है, तो ऐसे आरोप सामने आते रहेंगे।

उन्होंने आगे कहा, इसे निराधार या सच कहना मुश्किल है, लेकिन एक बात पक्की है, जहां धुंआ है, वहां आग तो होगी ही।

–आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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