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महाराष्ट्र में दो समुदायों के बीच हिंसा, अमरावती में लगा कर्फ्यू

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महाराष्ट्र/अमरावती: त्रिपुरा में कथित सांप्रदायिक दंगों की आग अब महाराष्ट्र तक पहुच गई है। जिसके तहत शनिवार को महाराष्ट्र के अमरावती नांदेड और मालेगांव में हिंसा भड़क गई। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अमरावती में चार दिनों के लिए कर्फ्यू लगा दिया है। वहीं अफवाहें न फैलने के लिए इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं।

महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वाल्से पाटिल ने बताया कि अमरावती में स्थिति को काबू करने को चार दिनों के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है। उन्होंने कहा कि अमरावती में स्थिति नियंत्रण में है। हिंसा में कोई हताहत नहीं हुआ है। उन्होंने आगे कहाए मामले की निश्चित रूप से जांच की जाएगी। हम उन रैलियों की जांच करेंगे जो महाराष्ट्र में त्रिपुरा में हुई घटनाओं को लेकर निकाली गई थीं। हम नुकसान का भी आकलन करेंगे। रिपोर्ट आने के बाद मैं आपको आगे कुछ बता पाऊंगा। दिलीप वाल्से ने कहा मैं आपको आज नहीं बता सकता लेकिन हम इसकी जांच करेंगे। रजा अकादमी हो या कोई अन्य संगठन रैली के पीछे उनके मकसद की जांच की जाएगी।

हिंसा भड़काने के आरोप में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक नांदेड जिले में पुलिस ने अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल नांदेड में स्थिति शांतिपूर्ण है। यहां शुक्रवार को पुलिस वैन पर पथराव किया गया था जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हिंसा वजीराबाद इलाके और नांदेड़ शहर के देगलुर नाका में हुई थी, जिसमें लगभग एक लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार शेवाले के अनुसार नांदेड पुलिस ने अब तक इस घटना में कथित रूप से शामिल 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं बताया कि यहां अब स्थिति नियंत्रण व शांतिपूर्ण है।

उल्लेखनीय है शुक्रवार को त्रिपुरा में अमरावती, नांदेड़, मालेगांव, वाशिम और यवतमाल में एक समुदाय द्वारा निकाली जा रही रैली के दौरान पथराव होने की सूचना मिली थी। जिसको लेकर शुक्रवार को अमरावती में ज्ञापन सौंपने के लिए बड़ी संख्या में लोग जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर जमा हुए थे। ज्ञापन सौंपकर जब लोग निकले तो उनपर कोतवाली थाना क्षेत्र के चित्रा चौक और कपास बाजार के बीच तीन जगह पथराव हुआ। जिसके चलते अमरावती शहर में हिंसा शुरू हो गई। कई इलाकों में दुकानें जला दी गईं। शुक्रवार की हिंसा के विरोध में ही शनिवार को अमरावती में दूसरे समुदाय की ओर से भी प्रदर्शन किया गया। शुक्रवार की घटनाओं के संबंध में पुलिस ने अब तक 20 प्राथमिकी दर्ज कर 20 लोगों को गिरफ्तार किया है और चार अन्य को हिरासत में लिया है।