देश

डू-गुड मिशन पर काम कर रही यूपी की अदालतें

प्रयागराज, 25 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की अदालतें डू-गुड मिशन पर काम कर रही हैं।

एक अदालत द्वारा एक किशोर को अपने पापों का प्रायश्चित करने के लिए गौशाला में काम करने के लिए कहने के बाद, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक आरोपी को इस शर्त पर जमानत दी है कि वह इस क्षेत्र में ठंडा पानी और शर्बत बांटेगा।

उस व्यक्ति पर उस भीड़ का हिस्सा होने का आरोप लगाया गया था, जो उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद सामूहिक झड़पों में शामिल थी।

न्यायमूर्ति अजय भनोट ने आवेदक को जमानत पर रिहा करने का निर्देश देते हुए आरोपी नवाब के समक्ष यह शर्त रखी।

इससे पहले, याचिकाकर्ता के वकील ने बताया था कि संबंधित पक्ष एक सप्ताह के लिए हापुड़ जिले में एक सार्वजनिक स्थान पर अपनी पसंद की तारीख और समय पर राहगीरों और प्यासे यात्रियों को शर्बत और पानी परोसेगा ताकि वे सौहार्द को बढ़ावा दे सकें।

अदालत ने निर्देश दिया कि पक्ष इस संबंध में हापुड़ के पुलिस अधीक्षक और हापुड़ के जिलाधिकारी को आवेदन कर सकते हैं।

अदालत ने कहा, स्थानीय पुलिस और प्रशासन यह सुनिश्चित करेंगे कि उचित व्यवस्था की जाए ताकि गतिविधि शांति से और बिना किसी बाधा के जारी रह सके और सद्भावना और सौहार्द पैदा कर सके।

अदालत ने महात्मा गांधी और उनके बलिदान का उदाहरण देते हुए आगे कहा कि अलग-अलग रास्तों के साधकों को उन्हें याद करना अच्छा होगा, जो अपने जीवन और उनकी मृत्यु के तथ्य से हमें याद दिलाते हैं।

स्वतंत्रता के महत्व पर जोर देते हुए अदालत ने आगे कहा कि भारतीयों की कई पीढ़ियों ने गुलामी की बेड़ियों से आजादी पाने के लिए अपना खून, पसीना, आंसू और परिश्रम दिया।

राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच हुए विवाद के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जो उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद हिंसक विवाद में बदल गया था।

हापुड़ जिले के सिम्भावली थाने में धारा 307 (हत्या का प्रयास) और आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

आवेदक 11 मार्च से जेल में है। सत्र न्यायाधीश हापुड़ ने 11 अप्रैल को आवेदक की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।

–आईएएनएस

एचएमए/एसकेके

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button