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कूड़े के पहाड़ को लेकर विधानसभा की लोक लेखा समिति को रिपोर्ट सौंपेगी एमसीडी

नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। दिल्ली में ठोस कचरे के प्रबंधन के संबंध में ऑडिट रिपोर्ट, वित्तीय अनुबंध और व्यय रिपोर्ट दिल्ली विधानसभा की लोक लेखा समिति को सौंपी जानी है। इसके लिए अब दो दिन शेष बचे हैं। सोमवार को यह रिपोर्ट विधानसभा की समिति को दी जानी है।

दरअसल दिल्ली विधानसभा की लोक लेखा समिति ने कचरा प्रबंधन की कमी और बढ़ते कूड़े के पहाड़ को लेकर एमसीडी की खिंचाई की थी। विधायक आतिशी की अध्यक्षता में लोक लेखा समिति ने एमसीडी आयुक्त को तलब किया था। समिति ने उन्हें 30 मई 2022 तक एमसीडी के ठोस कचरे के प्रबंधन के संबंध में ऑडिट रिपोर्ट, वित्तीय अनुबंध और व्यय रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।

समिति का कहना है कि दिल्ली सरकार द्वारा एमसीडी को जो धन दिया गया है उसका कहां और कैसे उपयोग हो रहा है, इसके विस्तृत अध्ययन की आवश्यकता है। गौरतलब है कि एमसीडी के अधिकारियों ने हमेशा बेहतर ढंग से ठोस कचरा प्रबंधन न होने के पीछे धन की कमी को जिम्मेदार ठहराया है।

वहीं दिल्ली सरकार का तर्क है कि एमसीडी को इस कार्य के लिए पर्याप्त फंड दिया गया है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि इस पैसे कहां इस्तेमाल हो रहा हैं। दिल्ली सरकार का आरोप है कि धन मिलने के बावजूद भाजपा शासित एमसीडी अपने प्राथमिक कार्य में विफल रही है।

अब दिल्ली विधानसभा की लोक लेखा समिति ने यह पूछा है कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम गाजीपुर लैंडफिल साइट में 140 लाख टन पुराने कचरे को साफ करने में क्यों सक्षम नहीं है। निगम से पूछा गया कि क्या उनके पास लैंडफिल में बार-बार आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए क्या तंत्र मौजूद है, तो उनका जबाब था कि फंड की कमी के कारण पूर्वी दिल्ली नगर निगम कचरे में आग लगने के इस खतरे को हल करने में सक्षम नहीं है।

लोक लेखा समिति की अध्यक्ष आतिशी ने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि ठोस कचरा प्रबंधन के नाम पर सरकार से साल-दर-साल धन मिलने के बावजूद एमसीडी अपने प्राथमिक काम में पूरी तरह से विफल रही है। इस प्रकार पर्यावरण समिति की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए एमसीडी के खातों के विस्तृत अध्ययन की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष ने लोक लेखा समिति को इस विस्तृत अध्ययन का जिम्मा सौंपा है। कमेटी ने एमसीडी आयुक्त को पिछले 5 सालों की निगम के चीफ ऑडिटर की ऑडिट रिपोर्ट, ठोस कचरा प्रबंधन के उद्देश्य से केजरीवाल सरकार द्वारा दी गई राशि पर एक विस्तृत रिपोर्ट, इस धन के उपयोग का विस्तृत विवरण और एमसीडी व निजी पार्टियों के बीच सभी वित्तीय अनुबंधों की एक कॉपी जैसे म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट का संग्रहण, परिवहन और निपटान का ब्यौरा पेश करने को कहा है।

–आईएएनएस

जीसीबी/एमएसए

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