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ऑस्कर के प्रभाव में बढ़ी कई फिल्मों के दर्शकों की संख्या, कोडा पर नहीं चला खास जादू

लॉस एंजिलिस, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। कोडा को बेस्ट पिक्च र श्रेणी में ऑस्कर भले ही मिल गया हो लेकिन इससे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उसके दर्शकों की संख्या में बड़ी तब्दीली नहीं आयी। वहीं, दूसरी तरफ ऑस्कर के लिये नामित कई फिल्में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर धूम मचा रही हैं।

एप्पल प्लस के अनुसार, ऑस्कर अवार्ड मिलने से उसके नये दर्शकों की संख्या में 25 प्रतिशत की तेजी आयी है जबकि फिल्म की व्यूअरशिप में 300 प्रतिशत से अधिक की बढ़त आयी है।

वेराइटी की रिपोर्ट के मुताबिक एप्पल दर्शकों की संख्या नहीं बताता है इसी कारण उसके प्रतिशत का मतलब समझना मुश्किल है। इसी वजह से डेडलाइन ने एक थर्ड पार्टी डाटा स्ट्रीमिंग सेवा प्रदाता सांबा टीवी के दर्शकों की संख्या के आधार पर फिल्मों की रैकिंग बतायी है।

सांबा टीवी के मुताबिक कोडा को एप्पल प्लस टीवी पर अतिरिक्त 3,75,000 दर्शकों ने देखा। इस प्रकार इस फिल्म की कुल व्यूअरशिप 9,73,000 हो गयी है।

इस फिल्म को एप्पल प्लस टीवी ने संडेस 2021 अवार्ड में 250 लाख डॉलर में खरीदा था।

दर्शकों के मामलों में लियोनाडरे डी कैपरियो की फिल्म डोंट लुक अप, जो बेस्ट पिक्च र के लिये नामित थी, ज्यादा लोकप्रिय है। इसके दर्शकों की संख्या 103 लाख है।

टेकि्न कल श्रेणी में अवार्ड जीतने वाली फिल्म ड्यून के दर्शकों की संख्या 53 लाख, जेन कैम्पियन को बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड दिलाने वाली फिल्म द पावर ऑफ डॉग के दर्शकों की संख्या 34 लाख और विल स्मिथ को बेस्ट एक्टर का अवार्ड दिलाने वाली फिल्म किंग रिचर्ड के दर्शकों की संख्या भी 34 लाख है।

बॉक्स ऑफिस पर कुछ कमाल नहीं दिखा पाने के कारण स्टीवन स्पिलबर्ग की फिल्म वेस्ट साइड स्टोरी को भी उसके ऑस्कर में नामित होने के बाद 19 लाख दर्शकों ने स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर देखा।

ऑस्कर में नामित होने का सबसे अधिक लाभ लेकिन साइकोलॉजिकल थ्रिलर नाइटमेयर एले को हुआ, जिसके नामित होने के बाद से उसे 21 लाख दर्शकों ने देखा। यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर कोई कमाल नहीं दिखा पायी थी।

एप्पल के सीईओ टिम कुक ने हमेशा यह कहा है कि एप्पल प्लस कंटेट को लेकर सिर्फ वित्तीय आधार से नहीं देखता है। कोडा का कंटेट उसे नीश फिल्म का दर्जा दिलाता है लेकिन वह एप्पल प्लस के लिये कोई कमाई का जरिया नहीं बन पायेगी।

टिम कुक ने पहले भी एप्पल प्लस के कंटेट को दर्शकों और सब्सक्राइर्स की संख्या के आधार पर नहीं बल्कि अवार्ड और नॉमिनेशन के आधार पर सही ठहराया है।

कुक ने जब यह बयान दिया था, उस वक्त कोडा की चर्चा नहीं थी लेकिन वह मानते हैं कि कंटेट ही मुख्य आधार है, दर्शकों की संख्या नहीं।

–आईएएनएस

एकेएस/एएनएम

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